तेहरान/वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने दावा किया कि यह कार्रवाई हालिया अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय तनाव के जवाब में की गई।
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, मिसाइलों को रोकने के लिए वायु रक्षा प्रणाली तुरंत सक्रिय कर दी गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कई मिसाइलों को बीच रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया गया, जबकि कुछ मिसाइलें लक्षित क्षेत्रों के आसपास गिरीं। घटना में हुए नुकसान और संभावित हताहतों का आकलन किया जा रहा है।
ईरान ने कहा कि उसकी कार्रवाई "रक्षात्मक और जवाबी" थी तथा उसका उद्देश्य अपने राष्ट्रीय हितों और क्षेत्रीय सुरक्षा की रक्षा करना है। वहीं अमेरिका ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वह अपने सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाएगा।
हमले के बाद पश्चिम एशिया में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी परामर्श जारी किए हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार मार्गों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में अमेरिका और उसके सहयोगियों की प्रतिक्रिया पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

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