विशेष संवाददाता | नई दिल्ली
नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन को दबाने के लिए छात्रों पर दबाव बना रही है और उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि "छात्रों को मत डराइए, नहीं तो सरकार बदल देंगे।" उनका आरोप है कि विभिन्न राज्यों में आंदोलन से जुड़े छात्रों के घर पुलिस पहुंच रही है तथा उन्हें पूछताछ, हिरासत और गिरफ्तारी का भय दिखाया जा रहा है।
दीपके ने कहा कि छात्र केवल निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उनका दावा है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारी छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
वहीं सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे पहले सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाने की बात कह चुकी है।
नीट पेपर लीक का मुद्दा अब केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। एक ओर विपक्ष और छात्र संगठन सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बना रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा जता रही है। अब देखना होगा कि यह आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ता है।

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