नई दिल्ली। नौकरी छोड़ने या सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) खाते पर ब्याज तुरंत बंद नहीं होता। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के नियमों के अनुसार, खाते में जमा राशि पर निर्धारित अवधि तक ब्याज मिलता रहता है।
यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है और ईपीएफ की राशि न तो निकालता है और न ही उसे नए नियोक्ता के खाते में स्थानांतरित कराता है, तब भी खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है। वर्तमान नियमों के अनुसार, सामान्य स्थिति में सदस्य के 58 वर्ष की आयु तक ब्याज मिलता है। इसके बाद खाता निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) होने पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नौकरी बदलने पर ईपीएफ खाता बंद कराने के बजाय उसे नए नियोक्ता के साथ स्थानांतरित कर देना बेहतर होता है। इससे सेवानिवृत्ति कोष लगातार बढ़ता रहता है और भविष्य में दावा करने की प्रक्रिया भी आसान रहती है।
ईपीएफओ ने सदस्यों से समय-समय पर अपने खाते की जानकारी, नामांकन और केवाईसी विवरण अद्यतन रखने की भी सलाह दी है, ताकि निकासी या स्थानांतरण के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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