पटना। बिहार में सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा, गाली-गलौच और भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशों के बाद बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी और तेज कर दी है। सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या अशांति फैलाने वाले मामलों में आवश्यकता पड़ने पर गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल में सोशल मीडिया कंपनियों को 692 कानूनी नोटिस भेजे जा चुके हैं। इन नोटिसों के माध्यम से आपत्तिजनक, भ्रामक और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री हटाने तथा संबंधित खातों की जानकारी मांगी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सांप्रदायिक तनाव फैलाने, फर्जी खबरें प्रसारित करने, महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने या किसी व्यक्ति की छवि खराब करने वाले मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, भड़काऊ या झूठी सामग्री साझा करने से बचें। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल माध्यम पर किए गए अपराधों को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाएगा, जितना किसी अन्य कानूनी अपराध को।

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