नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा उत्सव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विभिन्न आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि आज राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल बस्तर की समृद्ध आदिवासी परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और दशहरा उत्सव से जुड़ी विशेषताओं की जानकारी राष्ट्रपति को देगा। बस्तर दशहरा देश के अन्य दशहरा आयोजनों से अलग माना जाता है। यह उत्सव कई सप्ताह तक चलता है और इसमें विभिन्न जनजातीय समुदायों की पारंपरिक भागीदारी रहती है। धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और सामाजिक एकता का यह पर्व बस्तर की पहचान माना जाता है।
इस मुलाकात को आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जनजातीय परंपराओं के संवर्धन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा कर सकते हैं।

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