इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने व्यावसायिक शहर इंदौर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अपीलीय ट्रिब्यूनल की स्थापना नहीं किए जाने के मामले में केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने दोनों सरकारों से छह सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
याचिका में कहा गया है कि इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में व्यापारी, उद्योगपति और करदाता जीएसटी से जुड़े मामलों का सामना करते हैं। इसके बावजूद यहां जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल की व्यवस्था नहीं होने से करदाताओं को न्यायिक राहत के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इस पहलू पर सवाल उठाया कि जब इंदौर राज्य की प्रमुख आर्थिक गतिविधियों का केंद्र है, तब यहां जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना क्यों नहीं की गई। अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार से इस संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।
मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। अब सरकारों के जवाब के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इंदौर में जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

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