रजत पालकी में नगर भ्रमण करेंगे भगवान, श्रद्धालुओं पर बरसेगी आस्था की वर्षा
शैलेंद्र कुशवाहा, उज्जैन
धर्मनगरी उज्जैन सावन माह के अंतिम सोमवार को एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगी नजर आएगी। इस पावन अवसर पर भगवान श्री ओंकारेश्वर एवं श्री ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग की पारंपरिक भव्य महासवारी पूरे धार्मिक वैभव, वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच निकाली जाएगी। रजत पालकी में विराजमान भगवान नगर भ्रमण कर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाएंगे।
महासवारी प्राचीन परंपरा के अनुसार मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर निर्धारित मार्गों से नगर भ्रमण करेगी। यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु भगवान की आरती उतारेंगे, पुष्पवर्षा करेंगे तथा भजन-कीर्तन के साथ स्वागत करेंगे। महासवारी में अखाड़ों के संत-महात्मा, पुजारी, वेदपाठी ब्राह्मण, भजन मंडलियां तथा हजारों श्रद्धालु शामिल होकर धर्म और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेंगे।
सावन के अंतिम सोमवार का शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान शिव के दर्शन और पूजन के लिए मध्य प्रदेश सहित देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। महासवारी के दौरान पूरा शहर शिवमय वातावरण में डूब जाएगा और "हर-हर महादेव" तथा "बम-बम भोले" के जयघोष से गलियां गूंज उठेंगी।
महासवारी को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति ने व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा, वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारु यातायात व्यवस्था के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। आवश्यकतानुसार कुछ मार्गों पर यातायात में अस्थायी परिवर्तन भी किया जाएगा।
भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर की यह पारंपरिक महासवारी उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अनुपम प्रतीक है। हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिससे पूरी धर्मनगरी शिवभक्ति और आस्था के उत्सव में सराबोर दिखाई देगी।

Post a Comment