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मुंबई। महाराष्ट्र सरकार की 'लाडकी बहिन' योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आने के बाद लाभार्थियों का सत्यापन तेज कर दिया गया है। जांच के दौरान ऐसे मामले मिले हैं, जिनमें पुरुषों ने स्वयं को महिला बताकर योजना का लाभ लिया। इसके अलावा हजारों सरकारी कर्मचारियों द्वारा भी योजना का लाभ लेने की जानकारी सामने आई है।
सरकार के अनुसार, अब तक की समीक्षा में योजना से 92 लाख लाभार्थियों के नाम हटाए गए हैं। इनमें 62 लाख लोगों ने ई-केवाईसी नहीं कराया, जबकि शेष मामलों में पात्रता संबंधी शर्तों के उल्लंघन, आय सीमा, सरकारी सेवा और अन्य नियमों में गड़बड़ियां पाई गईं।
राज्य सरकार ने बताया कि योजना पर अब तक करीब 14 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जांच में अपात्र लाभार्थियों की पहचान होने के बाद उनसे राशि की वसूली और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
सरकार का कहना है कि योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं को ही मिले, इसके लिए सभी लाभार्थियों के दस्तावेज, डिजिटल अभिलेख और पात्रता का दोबारा सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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