बालाघाट-सिवनी में बड़ा खुलासा, सरकारी अनाज की कथित बंदरबांट पर कसा शिकंजा; 13 संदिग्धों पर प्राथमिकी की तैयारी
भोपाल। मध्य प्रदेश में एथनॉल उत्पादन के नाम पर फोर्टिफाइड चावल की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में बालाघाट और सिवनी जिले के आठ राइस मिलर संदेह के घेरे में आए हैं। इन मिलरों को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किए गए हैं, जबकि 13 संदिग्धों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।
जांच में सामने आया है कि लगभग 242 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल के उपयोग और परिवहन में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। आशंका है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए निर्धारित चावल को एथनॉल उत्पादन के नाम पर नियमों के विपरीत उपयोग या स्थानांतरित किया गया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, रिकॉर्ड, परिवहन दस्तावेज और भंडारण से जुड़े अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है। कई मामलों में दस्तावेजों और वास्तविक उपलब्ध स्टॉक में अंतर मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित राइस मिलरों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। शासन ने संकेत दिए हैं कि सरकारी खाद्यान्न की हेराफेरी करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं रती जाएगी।

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