विशेष रिपोर्ट Mumbai
आयाम बजाज
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी वर्षा के बीच अलग-अलग हादसों में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई। सबसे बड़ा हादसा मानखुर्द में हुआ, जहां एक बहुमंजिला चॉल का हिस्सा ढहने से छह लोगों की जान चली गई। इसके अलावा पेड़ गिरने और इमारत की ग्रिल गिरने जैसी घटनाओं ने भी लोगों की जान ले ली।
मानखुर्द में चॉल ढही, छह लोगों की मौत
रविवार देर शाम मानखुर्द के जनता नगर इलाके में भारी बारिश के दौरान एक बहुमंजिला चॉल का हिस्सा भरभराकर गिर गया। मलबे में कई लोग दब गए। बचाव दल ने राहत अभियान चलाकर लोगों को बाहर निकाला, लेकिन छह लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
पेड़ और ग्रिल गिरने से भी गई जान
बारिश और तेज हवाओं के कारण शहर के कई हिस्सों में पेड़ उखड़कर सड़क और दुकानों पर गिर पड़े। कुर्ला में एक पेड़ दुकान पर गिरने से 63 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं अन्य इलाकों में पेड़ और इमारत की ग्रिल गिरने की घटनाओं ने भी लोगों की जान ली और कई लोग घायल हुए।
यातायात और उड़ान सेवाएं प्रभावित
लगातार बारिश से मुंबई के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा, जबकि मुंबई हवाई अड्डे पर भी उड़ानों के संचालन में देरी और कुछ उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा। कई इलाकों में लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी असर देखने को मिला।
प्रशासन अलर्ट पर, लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने भारी बारिश को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC), NDRF और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और जर्जर इमारतों तथा पेड़ों के आसपास जाने से बचें।
बौद्धिक प्रतिकार की टिप्पणी
हर मानसून में मुंबई में पेड़ गिरने, इमारतें ढहने और जलभराव की घटनाएं दोहराई जाती हैं। सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मानसून पूर्व तैयारियां हर साल क्यों नाकाफी साबित होती हैं? यह त्रासदी केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि शहरी ढांचे और प्रशासनिक तैयारियों की भी कड़ी परीक्षा है।

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