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दुनिया पर 6.5 ट्रिलियन डॉलर का संकट! चीन की ‘रेयर अर्थ’ नीति से टेक, ऑटो और रक्षा उद्योग पर बड़ा खतरा

 

नई दिल्ली। चीन द्वारा रेयर अर्थ (दुर्लभ खनिज) के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों ने वैश्विक उद्योग जगत की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि यदि ये प्रतिबंध पूरी तरह लागू होते हैं, तो चीन के बाहर हर वर्ष लगभग 6.5 ट्रिलियन डॉलर मूल्य के औद्योगिक उत्पादन पर जोखिम पैदा हो सकता है। 


रेयर अर्थ खनिजों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, स्मार्टफोन, रक्षा उपकरण, पवन ऊर्जा, डेटा सेंटर और एयरोस्पेस उद्योग में होता है। इनकी आपूर्ति बाधित होने पर ऑटोमोबाइल, उच्च प्रौद्योगिकी और रक्षा क्षेत्र की उत्पादन श्रृंखला गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। 

आईईए के अनुसार, सबसे अधिक जोखिम अमेरिका और यूरोप को है। दोनों क्षेत्रों में संभावित प्रत्यक्ष आर्थिक प्रभाव 1.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का हो सकता है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि उच्च जोखिम वाले महत्वपूर्ण खनिजों का बहुपक्षीय रणनीतिक भंडार बनाया जाए, ताकि किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता कम की जा सके। हालांकि, इसके लिए शुरुआती और वार्षिक स्तर पर बड़े वित्तीय निवेश की आवश्यकता होगी। 

रिपोर्ट के बाद कई देशों ने चीन पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक खनन, प्रसंस्करण और आपूर्ति श्रृंखलाओं में निवेश तेज कर दिया है। अमेरिका, यूरोप और जी-7 देश नई परियोजनाओं, रणनीतिक भंडारण और आपूर्ति स्रोतों के विविधीकरण पर काम कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे संकटों का प्रभाव कम किया जा सके।

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