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500 साल पुराने बुटाटी धाम मंदिर में 22 करोड़ के कथित गबन का आरोप, जांच समिति ने 11 पदाधिकारियों पर एफआईआर की सिफारिश की


नागौर (राजस्थान)। राजस्थान के नागौर जिले स्थित करीब 500 वर्ष पुराने प्रसिद्ध बुटाटी धाम मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जांच समिति ने मंदिर समिति में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए लगभग 22.74 करोड़ रुपये के कथित गबन की आशंका जताई है। समिति ने मंदिर अध्यक्ष सहित 11 पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है।


जांच रिपोर्ट के अनुसार मंदिर के दान, आय-व्यय और सोना-चांदी के रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां पाई गई हैं। आरोप है कि मंदिर में चढ़ावे के रूप में प्राप्त सोना-चांदी का समुचित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। साथ ही भामाशाहों द्वारा कराए गए कई कार्यों को भी मंदिर के खर्च में शामिल किए जाने की बात सामने आई है।


रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 146 दिनों तक चली जांच के दौरान मंदिर समिति के वित्तीय प्रबंधन में कई अनियमितताएं उजागर हुईं। जांच समिति ने यह भी उल्लेख किया कि एक वर्ष में स्टोर संबंधी खर्च में 335 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे वित्तीय लेन-देन पर सवाल खड़े हुए हैं।


अब जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। यदि एफआईआर दर्ज होती है तो मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा की जाएगी।


बुटाटी धाम राजस्थान का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस कथित वित्तीय अनियमितता के मामले ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल संबंधित पक्ष का विस्तृत जवाब सामने आना बाकी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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