नाना पटवारी और सुमित मंत्री* पर जांच का शिकंजा, अब हर लेनदेन की होगी पड़ताल
इंदौर। ब्राउन शुगर, कथित ऑनलाइन सट्टा, धोखाधड़ी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए वित्तीय पहलुओं की गहन पड़ताल शुरू कर दी है। इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी तथा कॉलोनाइजर सुमित मंत्री के पिछले 10 वर्षों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन का ब्यौरा तलब किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां बैंक खातों में हुई बड़ी जमा-निकासी, संदिग्ध लेनदेन, धन के स्रोत, विभिन्न खातों के बीच हुए ट्रांजेक्शन और संभावित वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही हैं। डिजिटल भुगतान, बैंक स्टेटमेंट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का भी विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी संदिग्ध गतिविधि से जुड़े धन का प्रवाह किन माध्यमों से हुआ।
जांच के दौरान सुमित मंत्री द्वारा प्रस्तुत स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज भी पुलिस के रडार पर हैं। इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। यदि किसी प्रकार की जालसाजी या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित धाराओं में अलग से कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और किसी संभावित आरोप के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
नोट: यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है। किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध लगे आरोप तब तक सिद्ध नहीं माने जाते, जब तक सक्षम न्यायालय या संबंधित प्राधिकारी द्वारा उनकी पुष्टि न कर दी जाए।

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