नई दिल्ली/वाराणसी। देश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा है कि वाराणसी "ईज़ी कनेक्ट फ्लाइट्स मॉडल" में शामिल होने वाला देश का पहला शहर बनेगा। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को कम समय में अधिक शहरों तक बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराना है।
मंत्री के अनुसार, वाराणसी पहले से ही उत्तर भारत का एक प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र है। ऐसे में यहां से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाने से न केवल यात्रियों को लाभ मिलेगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी नई गति मिलेगी।
सरकार का लक्ष्य ऐसा नेटवर्क विकसित करना है, जिसमें यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा और जटिल ट्रांजिट प्रक्रियाओं से राहत मिले। वाराणसी को इस मॉडल के लिए चुनने के पीछे इसकी बढ़ती यात्री संख्या, रणनीतिक स्थिति और तेजी से विकसित हो रहा परिवहन ढांचा प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। शहर में रोपवे, एयरपोर्ट विस्तार और अन्य आधारभूत परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी लागू किया जा सकता है। इससे क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और छोटे शहरों की देश के बड़े आर्थिक केंद्रों तक पहुंच आसान होगी।
वाराणसी को देश की धार्मिक राजधानी और प्रमुख पर्यटन केंद्रों में गिना जाता है। बेहतर हवाई संपर्क से यहां आने वाले घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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