पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। हाल के दिनों में पार्टी की वरिष्ठ सांसद Kakoli Ghosh Dastidar और पार्टी नेतृत्व के बीच टकराव ने राजनीतिक हलकों में बड़े विभाजन की अटकलों को हवा दे दी है।
सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लोकसभा और राज्यसभा के कुछ सांसद ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली से नाराज बताए जा रहे हैं। चर्चा यह भी है कि दिल्ली में अलग संसदीय समूह या दबाव समूह बनाने की कोशिशें चल रही हैं। हालांकि अभी तक 20 लोकसभा और 9 राज्यसभा सांसदों के एक साथ बगावत करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
काकोली घोष दस्तीदार क्यों चर्चा में हैं?
काकोली घोष दस्तीदार ने हाल ही में पार्टी सांसद Kalyan Banerjee के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को शिकायत भेजकर उन पर दुर्व्यवहार और आपत्तिजनक टिप्पणियों के आरोप लगाए थे। यह विवाद TMC के अंदर बढ़ती गुटबाजी का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
इसके अलावा उन्हें हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा 'Y' श्रेणी की सुरक्षा भी प्रदान की गई, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हुईं।
क्या सचमुच 20 सांसद साथ हैं?
अब तक सार्वजनिक रूप से किसी 20 लोकसभा और 9 राज्यसभा सांसदों की सूची सामने नहीं आई है। उपलब्ध रिपोर्टें केवल यह संकेत देती हैं कि पार्टी के भीतर असंतोष मौजूद है और कुछ सांसद नेतृत्व परिवर्तन या संगठनात्मक सुधार की मांग कर रहे हैं।
ममता बनर्जी के लिए खतरा कितना बड़ा?
TMC अभी भी पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकतों में से एक है, लेकिन चुनावी हार के बाद नेताओं पर जनता का गुस्सा और संगठन के भीतर असंतोष लगातार सामने आ रहा है। कई स्थानों पर TMC नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और सार्वजनिक नाराजगी की घटनाएं भी सामने आई हैं।
निष्कर्ष
फिलहाल TMC में असंतोष और गुटबाजी के संकेत स्पष्ट हैं, लेकिन "20 लोकसभा और 9 राज्यसभा सांसदों के साथ तत्काल टूट" की बात आधिकारिक रूप से प्रमाणित नहीं हुई है। काकोली घोष दस्तीदार नेतृत्व विरोधी खेमे की प्रमुख आवाज़ बनकर उभरी हैं, पर उनके साथ कितने सांसद अंतिम रूप से खड़े होंगे, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

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