Top News

भोजशाला मां वाग्देवी मंदिर में बनेगा "सरस्वती लोक""Saraswati Lok" will be built in Bhojshala Maa Vagdevi Temple.

 

हाईकोर्ट के फैसले के बाद कैबिनेट की मंजूरी, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के रूप में विकसित होगा परिसर

धार। मध्य प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले भोजशाला मां वाग्देवी सरस्वती मंदिर को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद कैबिनेट की बैठक में भोजशाला परिसर को "सरस्वती लोक" के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह घोषणा क्षेत्र सहित प्रदेशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है।


      सरकार के इस निर्णय के बाद भोजशाला परिसर को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित सरस्वती लोक में मां वाग्देवी सरस्वती की महिमा, भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा, संस्कृति एवं इतिहास को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न निर्माण कार्य किए जाएंगे। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मां वाग्देवी का यह पवित्र स्थल भारतीय संस्कृति, ज्ञान और शिक्षा का प्रतीक है। प्रदेश सरकार इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरस्वती लोक के निर्माण से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि धार जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।

       बताया जा रहा है कि सरस्वती लोक परियोजना को अयोध्या के श्रीराम मंदिर परिसर और उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके अंतर्गत भव्य प्रवेश द्वार, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं, सांस्कृतिक दीर्घाएं तथा आध्यात्मिक वातावरण को सुदृढ़ करने वाले विभिन्न कार्य शामिल किए जाएंगे।

      हाईकोर्ट के निर्णय के बाद भोजशाला में नियमित पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का वातावरण है। सरकार की इस घोषणा का विभिन्न हिंदू संगठनों, सामाजिक संस्थाओं तथा श्रद्धालुओं ने स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि सरस्वती लोक के निर्माण से धार जिले में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। होटल, परिवहन, व्यापार एवं अन्य क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलेगा। साथ ही भोजशाला का महत्व राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगा।

       सरकार द्वारा शीघ्र ही परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना, बजट एवं निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। श्रद्धालुओं और नागरिकों को अब सरस्वती लोक के स्वरूप और निर्माण कार्य प्रारंभ होने का इंतजार है।

Post a Comment

Previous Post Next Post