भोपाल/मध्य प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया जल्द ही और सख्त होने जा रही है। भोपाल समेत प्रदेश के विभिन्न शहरों में ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल शुरू होने के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नए मानकों के अनुसार ड्राइविंग टेस्ट की व्यवस्था लागू की जाएगी।
नए नियमों के तहत फोर-व्हीलर ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थी को 100 में से कम से कम 60 अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। वहीं कमर्शियल वाहन चलाने के लाइसेंस के लिए उम्मीदवार को 100 में 100 अंक लाने होंगे। यानी व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए किसी भी प्रकार की गलती की गुंजाइश नहीं रहेगी।
नई व्यवस्था का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और प्रशिक्षित चालकों को ही लाइसेंस जारी करना है। इसके लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों में आधुनिक प्रशिक्षण, सिम्युलेटर आधारित अभ्यास और निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार मूल्यांकन किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, ड्राइविंग कौशल, ट्रैफिक नियमों की जानकारी, सड़क संकेतों की समझ और सुरक्षित वाहन संचालन जैसे पहलुओं के आधार पर अंक दिए जाएंगे। निर्धारित मानक पूरे नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी होगी।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लाइसेंस केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जो वास्तव में सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से वाहन चलाने में सक्षम हैं। नए नियम लागू होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

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