उज्जैन/विश्व प्रसिद्ध में सेलिब्रिटी और वीआईपी मेहमानों को विशेष सुविधाएं दिए जाने के मुद्दे पर विवाद गहराता नजर आ रहा है। सनातन धर्म मोर्चा ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए इसे आम श्रद्धालुओं के साथ भेदभाव बताया है।
मोर्चा के अध्यक्ष ने इस संबंध में को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती में वीआईपी व्यवस्था के नाम पर बड़ी संख्या में विशेष व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि आम श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
मोर्चा का कहना है कि मंदिर में दर्शन और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान सभी श्रद्धालुओं के लिए समान व्यवस्था होनी चाहिए। संगठन ने मांग की है कि भस्म आरती सहित अन्य व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लाई जाए और वीआईपी संस्कृति को सीमित किया जाए।
उधर, मंदिर प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा, प्रोटोकॉल और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कुछ विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं। हालांकि इस मुद्दे पर बढ़ती चर्चा के बीच प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
महाकाल मंदिर देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में वीआईपी और आम श्रद्धालुओं के बीच सुविधाओं के अंतर का मुद्दा समय-समय पर चर्चा का विषय बनता रहा है।
अब इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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