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सीएम हेल्पलाइन में इंदौर की रैंकिंग धड़ाम: शिकायत निवारण में सुस्ती से राजस्व विभाग पर उठे सवालIndore's ranking plummets in CM Helpline: Slowness in grievance redressal raises questions about the Revenue Department

 

इंदौर। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायतों के निराकरण को लेकर इंदौर का राजस्व विभाग लगातार पिछड़ता नजर आ रहा है। शिकायतों के समयबद्ध समाधान में लापरवाही का असर विभाग की रैंकिंग पर साफ दिखाई दिया है। अप्रैल महीने में प्रदेश में 13वें स्थान पर रहा इंदौर मई में फिसलकर 30वें पायदान पर पहुंच गया।


आंकड़े बताते हैं कि लंबित शिकायतों और उनके निराकरण में देरी के कारण जिले की स्थिति कमजोर हुई है। राजस्व विभाग से जुड़ी भूमि, नामांतरण, सीमांकन और अन्य प्रशासनिक शिकायतों का समय पर निपटारा नहीं होने से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्रों के अनुसार कई मामलों में शिकायतों का समाधान निर्धारित समय सीमा में नहीं हो पा रहा है, जबकि कुछ शिकायतें लंबे समय से लंबित हैं। इसके चलते मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा में जिले का प्रदर्शन प्रभावित हुआ है।

प्रशासनिक हलकों में भी इस गिरावट को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले महीनों में स्थिति और खराब हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच जवाबदेही का महत्वपूर्ण तंत्र है। ऐसे में शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई सीधे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि राजस्व विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर नागरिकों का भरोसा दोबारा जीत पाता है या नहीं। लगातार बढ़ती शिकायतें और गिरती रैंकिंग प्रशासन के लिए चेतावनी मानी जा रही हैं।

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