पटना। बिहार के चर्चित टेंडर घोटाला मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने हाल ही में एक वरिष्ठ अधिकारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुख्य आरोपी रिशु श्री से हुई पूछताछ और उसके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर की गई है
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जांच एजेंसियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान सरकारी ठेकों में कथित कमीशनखोरी, प्रभाव के दुरुपयोग और अधिकारियों की मिलीभगत से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं। इसी कड़ी में मुमुक्षु चौधरी, तारिणी दास और अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है।
सूत्रों का कहना है कि घोटाले का नेटवर्क केवल कुछ अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन, ठेका आवंटन प्रक्रिया और संदिग्ध संपत्तियों की पड़ताल कर रही हैं।
इस बीच मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल वरिष्ठ आईएएस अधिकारी Sanjeev Hans की तलाश तेज कर दी गई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि संजीव हंस फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि संजीव हंस की गिरफ्तारी होने पर घोटाले से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। यही वजह है कि जांच एजेंसियां उनके ठिकानों और संपर्कों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाले ने राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था में हलचल मचा दी है। अब तक हुई गिरफ्तारियों और पूछताछ से यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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