मध्य पूर्व संकट से लेकर व्यापार और रक्षा सहयोग तक, कई बड़े मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
नई दिल्ली/पेरिस। प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच G7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांस में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों नेताओं की मुलाकात की पुष्टि की है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच बातचीत में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की पिछली मुलाकात 13 फरवरी 2025 को हुई थी। उस दौरान दोनों देशों ने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया था। अब एक बार फिर दोनों नेताओं की बैठक ऐसे समय हो रही है जब दुनिया कई अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के संबंध पिछले कुछ वर्षों में नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। रक्षा, तकनीक, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में G7 सम्मेलन के दौरान होने वाली यह मुलाकात भविष्य की रणनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
फ्रांस में आयोजित G7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कई अन्य विश्व नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित हैं। हालांकि, मोदी-ट्रंप वार्ता पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की विशेष नजर बनी हुई है, क्योंकि इसके नतीजे वैश्विक राजनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।

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