4000 EVM जलने की घटना पर गरमाई सियासत, चुनावी पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल
मुंबई/कोलकाता। कोलकाता में कथित तौर पर बड़ी संख्या में ईवीएम (EVM) जलने की घटना को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता और सांसद ने इस मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह कोई साधारण हादसा नहीं, बल्कि चुनावी सबूत मिटाने की साजिश हो सकती है।
संजय राउत ने दावा किया कि लगभग 4000 ईवीएम के जलने की घटना बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े उपकरण इस तरह नष्ट होते हैं तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
राउत ने पश्चिम बंगाल के चुनावी परिणामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इस मामले के पीछे राजनीतिक मंशा हो सकती है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की गहन जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण पेश नहीं किया।
वहीं, भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया है। पार्टी का कहना है कि बिना तथ्यों और जांच रिपोर्ट के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है।
गौरतलब है कि ईवीएम से जुड़े किसी भी मामले को लेकर चुनावी और राजनीतिक दलों के बीच अक्सर बहस होती रही है। ऐसे में कोलकाता की इस घटना ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
अब सभी की निगाहें इस मामले में होने वाली जांच और आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह घटना तकनीकी दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।

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