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विटामिन की कमी न लें हल्के में? बढ़ता है दिमाग की इस बीमारी का खतरा: स्टडीDon't take vitamin deficiency lightly; it increases the risk of this brain disease: Study

 

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN) की रिसर्च में सामने आया है कि भारतीयों में कुछ विटामिन्स की कमी बड़ी समस्या बन सकती है. इससे भूलने की बीमारी यानी डिमेंशिया का खतरा बढ़ता है. इस रिपोर्ट के मुताबिक ब्रेन हेल्थ को ठीक रखने में न्यूट्रिएंट्स का रोल अहम है. ऐसा देखा गया है कि भारतीयों में इस बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. लोग कम उम्र में ही डिमेंशिया का शिकार बन रहे हैं.


दरअसल, बढ़ते मामलों के चलते साइंटिस्ट इसके संभावित कारणों को लगातार सर्च कर रहे हैं. इसमें से एक रिजल्ट सही से पोषण न लेना भी है. एक्सपर्ट कहते हैं कि शरीर में विटामिन बी12 ही नहीं बी6, बी2 और विटामिन डी की कमी दिमाग के स्वास्थ्य को कमजोर बनाती है. चलिए आपको बताते हैं कि रिसर्च क्या कहती है और इससे बचने के लिए किन तरीकों को आजमाया जा सकता है.

डिमेंशिया क्या है?

ये दिमाग से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है जिसमें इंसान की याददाश्त जाने लगती है. इसके अलावा सोचने की पावर, नेचर और रोज के कामों को ठीक से न करने जैसे लक्षण भी नजर आते हैं. वैसे इसके होने का सबसे बड़ा कारण उम्र का बढ़ता है. लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर आपकी लाइफस्टाइल और हेल्थ से जुड़ी दिक्कतें हैं तो ऐसे भी डिमेंशिया की शिकायत हो सकती है.

कहती है रिसर्च

इस रिसर्च को द लैंसेटरीजनल हेल्थ- साउथ ईस्ट एशियाजर्नल में पब्लिश किया गया है. इसमें तेलंगाना के शहरी और ग्रामीण लोगों को शामिल किया गया. इनकी उम्र 40 से 80 के बीच थी और इसमें 570 लोग शामिल हुए. इन सभी की कॉग्निटिव हेल्थ, खानपान की आदतें और ब्लड में मौजूद विटामिन्स के लेवल पर नजर रखी गई. ताकि पता चल पाए की पोषण कम होने से डिमेंशिया का कनेक्शन कितना है.

रिपोर्ट बताती है कि करीब 40 फीसदी कंटेस्टेंट में भूलने की बीमारी का खतरा ज्यादा पाया गया. जिन लोगों में इस बीमारी का डर ज्यादा पाया गया उनमें विटामिन डी, बी2, बी6 और बी12 की कमी ज्यादा थी. जिनका खानपान लगातार खराब है, सैचुरेटेड फैट ज्यादा लेना और हेल्दी चीजों को कम खाने जैसी गलतियां हमें कई तरीकों से बीमार कर रही है.

इसके विपरीत रिसर्च में शामलि जिन लोगों ने फल, सब्जियां और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर चीजें खाई उनमें डिमेंशिया से जुड़ा खतरा कम पाया गया.

जेनेटिक कारण

वैसे रिसर्च में ये भी देखा गया है कि डिमेंशिया के होने का एक कारण जेनेटिक भी है. लेकिन खानपान को बेहतर करना बेहद जरूरी है. इसके अलावा डायबिटीज, ओबेसिटी, हाई ब्लड प्रेशर, स्मोकिंग, फिजिकली एक्टिव न रहने से भी बचना जरूरी है. शोधकर्ता कहते हैं कि विटामिन की कमी और डिमेंशिया में कनेक्शन है लेकिन इसी वजह से ये बीमारी हो ये भी कहना सही नहीं है.

एक्सपर्ट कहते हैं कि साल 2050 तक भारत में डिमेंशिया के मामलों में तेजी आएगी. इसलिए इसकी रोकथाम पर ध्यान देना जरूरी है. इसके लिए बैलेंस और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर डाइट लें. जरूरी विटामिन और मिनरल्स की पर्याप्त मात्रा तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर लंबे समय तक मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है.

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