कई लोग स्ट्रेस या माइग्रेन समझकर टाल देते हैं लक्षण, समय पर पहचान से बच सकती है बड़ी परेशानी
नई दिल्ली। सिरदर्द, थकान या चक्कर आने जैसी समस्याएं अक्सर तनाव, नींद की कमी या माइग्रेन से जोड़कर देखी जाती हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ मामलों में यही लक्षण गंभीर बीमारी, जैसे , का संकेत भी हो सकते हैं। समस्या तब बढ़ जाती है जब लोग शुरुआती संकेतों को सामान्य समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण कई बार माइग्रेन या सामान्य सिरदर्द से मिलते-जुलते होते हैं। हालांकि कुछ ऐसे संकेत हैं, जिन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।
ब्रेन ट्यूमर के संभावित चेतावनी संकेत
लगातार बढ़ता हुआ या बार-बार होने वाला सिरदर्द।
सुबह उठते समय सिरदर्द का अधिक महसूस होना।
उल्टी या मतली के साथ सिरदर्द होना।
अचानक दृष्टि धुंधली होना या दो-दो दिखाई देना।
बोलने, सुनने या समझने में कठिनाई होना।
शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन महसूस होना।
संतुलन बिगड़ना या बार-बार चक्कर आना।
याददाश्त, व्यवहार या व्यक्तित्व में बदलाव आना।
दौरे (सीजर) पड़ना, विशेषकर पहले कभी ऐसा न हुआ हो।
माइग्रेन और ब्रेन ट्यूमर में क्या अंतर है?
डॉक्टरों के मुताबिक माइग्रेन में सिरदर्द अक्सर एक विशेष पैटर्न में होता है और कई मरीजों को पहले से इसकी हिस्ट्री होती है। वहीं यदि सिरदर्द का स्वरूप अचानक बदल जाए, दर्द लगातार बढ़ता जाए या उसके साथ न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी हो जाता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि सिरदर्द लंबे समय तक बना रहे, दवाओं से आराम न मिले या ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई भी दिखाई दे, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण: सिरदर्द का मतलब हमेशा ब्रेन ट्यूमर नहीं होता। अधिकांश मामलों में इसके पीछे सामान्य कारण होते हैं। लेकिन असामान्य, लगातार या बढ़ते लक्षणों को नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

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