कांग्रेस नेता ने पेयजल व्यवस्था पर उठाए सवाल, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग
मध्य प्रदेश के गुना जिले में दूषित पेयजल के कारण बच्चों के बीमार होने की घटनाओं को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
उमंग सिंघार ने कहा कि गुना में दूषित पानी की आपूर्ति के कारण कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई, जिससे आम नागरिकों में भय और चिंता का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में संबंधित विभागों की लापरवाही सामने आई है, जिसका खामियाजा मासूम बच्चों और उनके परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा जो भी अधिकारी या एजेंसी लापरवाही की दोषी पाए जाए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और बीमार बच्चों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की।
सिंघार ने कहा कि सरकार को केवल घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के बजाय पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण की प्रभावी व्यवस्था बनानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता और राहत उपलब्ध कराने की भी मांग की है। वहीं, स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। मामले को लेकर लोगों की नजर अब प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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