मुंबई। महाराष्ट्र में इस बार मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ने से हालात चिंताजनक हो गए हैं। अच्छी बारिश के लिए माने जाने वाले मृग नक्षत्र के बीत जाने के बाद भी राज्य के कई हिस्सों में अब तक पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है, जिससे किसानों और आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस देरी के पीछे अल नीनो प्रभाव एक प्रमुख कारण माना जा रहा है, जिसके चलते समुद्री तापमान में बदलाव होता है और मानसून की सामान्य गति प्रभावित हो सकती है।
राज्य के कई जलाशयों में जलस्तर लगातार गिर रहा है, जबकि कुछ छोटे बांधों में पानी का स्तर सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया है। अगर आने वाले दिनों में बारिश में सुधार नहीं होता है तो भीषण गर्मी और सूखे की स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय स्तर पर कृषि कार्य भी प्रभावित होने लगे हैं, क्योंकि समय पर बुवाई के लिए पर्याप्त नमी नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग ने हालांकि उम्मीद जताई है कि मानसून की सक्रियता अगले चरण में बढ़ सकती है, लेकिन फिलहाल स्थिति पर नजर बनी हुई है।

Post a Comment