बौद्धिक प्रतिकार | विशेष रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC भर्ती घोटाले की जांच में केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार सुबह सीबीआई की टीम पूर्व आईएएस अधिकारी जे.के. ध्रुव के भिलाई स्थित आवास पर पहुंची और जांच संबंधी दस्तावेजों तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की।
सूत्रों के अनुसार, Chhattisgarh Public Service Commission भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और चयन में पक्षपात के आरोपों की जांच सीबीआई कर रही है। इसी सिलसिले में विभिन्न अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों से जुड़े ठिकानों पर जांच एजेंसी लगातार कार्रवाई कर रही है।
बताया जा रहा है कि सीबीआई की टीम ने पूर्व आईएएस अधिकारी के निवास पर पहुंचकर भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की जांच की। हालांकि एजेंसी की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
CGPSC भर्ती घोटाला लंबे समय से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप हैं कि भर्ती प्रक्रिया में प्रभावशाली लोगों के परिजनों और करीबी व्यक्तियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। मामले के सामने आने के बाद व्यापक विरोध हुआ था, जिसके बाद जांच की मांग तेज हुई और अंततः मामला सीबीआई को सौंपा गया।
राज्य के हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब इस जांच पर टिकी है। माना जा रहा है कि सीबीआई की जांच आगे बढ़ने के साथ कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं तथा भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।
फिलहाल सीबीआई की कार्रवाई ने एक बार फिर CGPSC भर्ती घोटाले को सुर्खियों में ला दिया है और आने वाले दिनों में इस मामले में नए खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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