नई दिल्ली। 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। भाजपा और उसके सहयोगी दल (NDA) उच्च सदन में अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश में हैं। मौजूदा गणित के अनुसार, जून 2026 के चुनावों में NDA को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है और गठबंधन लगभग 17 सीटें जीत सकता है
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राज्यसभा की कुल प्रभावी सदस्य संख्या 244 मानी जा रही है। बहुमत के लिए 123 सांसदों का आंकड़ा चाहिए, जबकि संविधान संशोधन जैसे मामलों में दो-तिहाई बहुमत के लिए करीब 163 सदस्यों की जरूरत पड़ती है। विभिन्न आकलनों के अनुसार NDA की मौजूदा ताकत 148-149 सांसदों के आसपास पहुंच चुकी है।
यही वजह है कि भले ही भाजपा और NDA लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हों, लेकिन दो-तिहाई बहुमत के "जादुई आंकड़े" से गठबंधन अभी लगभग 14-15 सांसद दूर माना जा रहा है।
जून 2026 के चुनावों में सबसे ज्यादा नजरें Andhra Pradesh, Karnataka, Madhya Pradesh, Rajasthan और Jharkhand पर हैं। आंध्र प्रदेश में NDA गठबंधन के भीतर सीट बंटवारा तय हो चुका है, जहां N. Chandrababu Naidu की पार्टी TDP तीन सीटों पर और Pawan Kalyan की जनसेना एक सीट पर दावा करेगी।
हालांकि कुछ राज्यों में विपक्ष भी मुकाबले में है। खासकर कर्नाटक और झारखंड में सीटों का गणित NDA के लिए पूरी तरह आसान नहीं माना जा रहा।
भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची भी जारी कर दी है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता Tarun Chugh को मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के बाद NDA की ताकत और बढ़ेगी, लेकिन उच्च सदन में दो-तिहाई बहुमत का लक्ष्य अभी भी तत्काल पहुंच से बाहर दिख रहा है। इसके लिए भाजपा को आने वाले वर्षों में कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और राज्यसभा चुनावों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

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