कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चित फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच तेज हो गई है। इसी सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और सांसद से राज्य की सीआईडी ने करीब छह घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ के निर्देश पर की गई।
मामला टीएमसी विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जुड़े दस्तावेजों का है। आरोप है कि कुछ दस्तावेजों में विधायकों की जानकारी और सहमति के बिना उनके हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया। इस मामले को गंभीर मानते हुए अदालत ने विस्तृत जांच के आदेश दिए थे।
पूछताछ के बाद सीआईडी अधिकारियों ने कहा कि जांच को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित मूल दस्तावेजों की बरामदगी बेहद जरूरी है। एजेंसी का मानना है कि मूल रिकॉर्ड मिलने के बाद हस्ताक्षरों की सत्यता और कथित फर्जीवाड़े की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने अभिषेक बनर्जी से दस्तावेजों की उत्पत्ति, उनके उपयोग और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए। हालांकि टीएमसी की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि पार्टी और उसके नेताओं का किसी भी प्रकार की अनियमितता से कोई संबंध नहीं है।
यह मामला राज्य की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार और टीएमसी पर निशाना साध रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल जांच में पूरा सहयोग करने की बात कह रहा है।
अब सीआईडी की अगली कार्रवाई और मूल दस्तावेजों की बरामदगी पर सभी की नजरें टिकी हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।

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