आजकल खाद्य पदार्थों में मिलावट एक बड़ी समस्या बन चुकी है। दूध, दही, पनीर और सब्जियों के साथ-साथ मसाले भी इससे अछूते नहीं हैं। खासकर लाल मिर्च पाउडर में रंग, ईंट का चूरा, टैल्कम पाउडर और कृत्रिम रसायनों की मिलावट की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में रसोई में इस्तेमाल होने वाली लाल मिर्च की शुद्धता जांचना बेहद जरूरी हो गया है।
पहला टेस्ट – पानी की जांच
एक गिलास पानी में एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर डालें। यदि रंग तुरंत पानी में घुलने लगे या नीचे लाल रंग की परत दिखाई दे तो इसमें कृत्रिम रंग मिलाया गया हो सकता है।
दूसरा टेस्ट – हथेली पर रगड़ें
थोड़ी सी मिर्च हथेली पर लेकर रगड़ें। यदि हाथों पर अत्यधिक चमकीला लाल रंग रह जाए तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है।
तीसरा टेस्ट – तलछट की पहचान
मिर्च पाउडर को पानी में डालकर कुछ मिनट छोड़ दें। यदि नीचे भारी कण या रेत जैसी तलछट जमा हो जाए तो उसमें ईंट का चूरा या अन्य अशुद्धियां मिली हो सकती हैं।
चौथा टेस्ट – तेल में मिलाकर देखें
थोड़े से खाने वाले तेल में मिर्च पाउडर मिलाएं। यदि तेल का रंग असामान्य रूप से गहरा लाल हो जाए तो कृत्रिम रंग की संभावना हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मसाले हमेशा विश्वसनीय ब्रांड या भरोसेमंद विक्रेता से ही खरीदें। शुद्ध मसाले न केवल स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखते हैं।

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