अंकिता भंडारी हत्याकांड को बनाया मुद्दा, कांग्रेस ने उत्तराखंड में चुनावी बिगुल फूंका
उत्तराखंड की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। बीजेपी के चुनावी अभियान को पूरी तरह गति मिलने से पहले ही कांग्रेस ने मोर्चा संभाल लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खराब मौसम के कारण अल्मोड़ा नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने फोन के जरिए विशाल जनसभा को संबोधित कर 2027 के चुनावी अभियान का शंखनाद कर दिया।
कांग्रेस ने इस रैली के जरिए अंकिता भंडारी हत्याकांड को फिर से राजनीतिक केंद्र में ला दिया। पार्टी का आरोप है कि प्रदेश सरकार अब तक इस मामले में कई सवालों का जवाब देने में असफल रही है। राहुल गांधी ने भी अपने संबोधन में न्याय, जवाबदेही और युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाया।
बीजेपी पर सीधा हमला
राहुल गांधी ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि सरकार जनता के मूल सवालों से बच रही है। कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि 2027 का चुनाव रोजगार, महिला सुरक्षा और जवाबदेही के मुद्दों पर लड़ा जाएगा।
अंकिता भंडारी केस बना चुनावी हथियार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस आने वाले दिनों में अंकिता भंडारी हत्याकांड को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है। यही वजह है कि अल्मोड़ा की रैली को पार्टी के लिए प्रतीकात्मक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था।
उत्तराखंड में शुरू हुई सियासी जंग
राहुल गांधी भले ही मौसम की वजह से मंच तक नहीं पहुंच पाए, लेकिन फोन पर दिए गए उनके संबोधन ने साफ कर दिया कि कांग्रेस अब चुनावी मोड में आ चुकी है। दूसरी ओर बीजेपी भी संगठन और सरकार के दम पर चुनावी रणनीति तैयार कर रही है।

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