पीएम मोदी की अपील के बाद शुरू हुआ बदलाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ईंधन बचत, कार्बन उत्सर्जन कम करने और संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर की गई अपील के बाद कई राज्यों ने अपने स्तर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसमें सरकारी वाहनों की संख्या कम करने से लेकर वर्क फ्रॉम होम और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने तक के उपाय शामिल हैं।
पीएम के काफिले में भी दिखा असर
पीएम मोदी की पहल के बाद उनके सरकारी काफिले में भी गाड़ियों की संख्या सीमित की गई है। हाल ही में गुजरात और असम दौरे के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल को बनाए रखते हुए काफिले को छोटा किया गया। हालांकि, सुरक्षा में किसी तरह की कमी नहीं की गई है।
मध्य प्रदेश में 13 से 8 गाड़ियों तक सीमित हुआ काफिला
मध्य प्रदेश सरकार ने सबसे पहले इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी है। साथ ही दौरों के दौरान वाहन रैलियों पर भी रोक लगाने का फैसला लिया गया है।
दिल्ली में कार पूल और कम गाड़ियों पर जोर
दिल्ली सरकार ने भी इस अपील को गंभीरता से लेते हुए बड़ा निर्णय लिया है। सीएम रेखा गुप्ता ने सभी मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को कम से कम गाड़ियों के उपयोग और कार पूल व सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में 50% तक काफिला कम करने का निर्देश
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सीएम और मंत्रियों के काफिले में तुरंत 50 प्रतिशत तक कटौती की जाए। साथ ही वर्क फ्रॉम होम, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और “नो व्हीकल डे” जैसे विकल्पों को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
अन्य राज्यों में भी तैयारी
कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह की व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है। वर्क फ्रॉम होम, ईवी वाहनों के उपयोग और ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि ईंधन की खपत और प्रदूषण दोनों में कमी लाई जा सके।
पीएम मोदी की अपील का असर धीरे-धीरे कई राज्यों की नीतियों में दिखने लगा है। हालांकि, अब तक कितने मुख्यमंत्री पूरी तरह इसे लागू कर चुके हैं, यह स्थिति राज्यवार अलग-अलग नजर आ रही है।

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