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बंगाल चुनाव के बाद बीरभूम में हिंसा, कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ Violence in Birbhum after Bengal elections, arson and vandalism in several areas



बीरभूम: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद बीरभूम जिले के कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटना हुई. टीएमसी ने आगजनी और तोड़फोड़ के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया. इस पर बीजेपी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

बीरभूम जिले में कमल खिल गया. जिले की 11 विधानसभा सीटों में से 6 पर बीजेपी के उम्मीदवार जीत गए. पांच बार के विधायक आशीष बनर्जी से लेकर पार्टी के दो और मौजूदा उम्मीदवारों तक कई जाने-माने लोगों को हार का सामना करना पड़ा. इसके तुरंत बाद जिले के अलग-अलग हिस्सों में चुनाव के बाद हिंसा भड़क गई.

बोलपुर में काउंटिंग सेंटर के पास तृणमूल कांग्रेस के एक कैंप ऑफिस में कथित तोड़फोड़ की गई. आरोप है कि किरनाहार में एक तृणमूल वर्कर की दुकान में आग लगा दी गई. निचुपट्टी में अनुब्रत मंडल के घर के सामने सेंट्रल सिक्योरिटी फोर्स तैनात कर दी गई.

बीरभूम 'लाल मिट्टी की जमीन' को कभी लेफ्ट फ्रंट का गढ़ माना जाता था. नानूर में सुचपुर हत्याकांड के बाद तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी इस जिले में अपनी पकड़ बनाने में कामयाब रहीं. बाद में अनुब्रत मंडल के नेतृत्व में यह 'लाल किला' एक 'हरा किला' बन गया. 2011 के विधानसभा चुनावों के बाद टीएमसी ने बाद के पंचायत और नगर निगम चुनावों में हर जगह अपनी धाक जमाई.

बार जिले की 11 विधानसभा सीटों में से तृणमूल सिर्फ बोलपुर, नानूर, हसन, मुरारई और नलहाटी में ही जीत पाई. बाकी सीटों सूरी, रामपुरहाट, मयूरेश्वर, दुबराजपुर, सैंथिया और लाभपुर में कमल अच्छे अंतर से खिला.

इसके अलावा दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र के लोबा में तृणमूल जोनल प्रेसिडेंट के घर में तोड़फोड़ की गई. सूरी में तृणमूल एजुकेशन सेल का ऑफिस तोड़ दिया गया. बोलपुर विधानसभा सीट से जीते हुए तृणमूल कैंडिडेट चंद्रनाथ सिन्हा ने कहा, 'बेशक हमारी तरफ से गलतियां हुई इसलिए यह नतीजा आया. हमें एक पार्टी के तौर पर इन मुद्दों पर अंदर ही अंदर रिव्यू करना चाहिए. फिर भी एक विधायक के तौर पर मैं लोगों के लिए काम करता रहूंगा.'

लाबपुर विधानसभा सीट से हारे हुए तृणमूल कैंडिडेट अभिजीत सिन्हा ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि हमारे इतने सारे डेवलपमेंट के काम करने के बाद भी लोग हमारे साथ क्यों नहीं खड़े हुए. हमें इन सभी बातों पर सोचना चाहिए.' इस बीच दुबराजपुर असेंबली सीट से तृणमूल कैंडिडेट नरेश चंद्र बाउरी ने एक बड़ा आरोप लगाया कि उन्हें उनकी ही पार्टी के नेताओं ने हराया.

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