उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था को खत्म करने का फैसला लिया है। अब प्रदेश में लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड व्यवस्था पर काम करेंगे। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत अब उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक बिजली बिल जारी किया जाएगा। इसके बाद बिल जमा करने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा। तय समय के बाद भुगतान नहीं होने पर 7 दिन की डिस्कनेक्शन अवधि दी जाएगी और फिर नियमानुसार विलंब शुल्क भी लगाया जाएगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब प्रदेश में नए बिजली कनेक्शन केवल पोस्टपेड मोड में ही दिए जाएंगे। पहले प्रीपेड सिस्टम में समायोजित होने वाली सुरक्षा राशि अब चार आसान किस्तों में बिजली बिल के साथ जमा कराई जा सकेगी।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक विशेष शिविर लगाए जाएंगे। ये शिविर अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों में आयोजित होंगे, जहां मोबाइल नंबर अपडेट कराने और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। उपभोक्ता अपना बिजली बिल एसएमएस, व्हाट्सएप और 1912 हेल्पलाइन के माध्यम से भी देख सकेंगे।
सरकार ने पुराने बकाया बिलों पर भी राहत दी है। घरेलू उपभोक्ता 30 अप्रैल 2026 तक के बकाया बिल को 10 आसान किस्तों में जमा कर सकेंगे। वहीं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी, जिसमें 40 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और 30 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी।
ऊर्जा विभाग के अनुसार, आरडीएसएस योजना के तहत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड मोड में संचालित होंगे। जून 2026 से उपभोक्ताओं को पोस्टपेड बिल मिलने शुरू हो जाएंगे। यानी मई में खर्च हुई बिजली का बिल जून में जारी किया जाएगा।
यह नई व्यवस्था पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम और केस्को कानपुर में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
सरकार का कहना है कि स्मार्ट प्रीपेड व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर और सरल बिजली सेवा मिल सके।

Post a Comment