महाराष्ट्र के सांगली जिले में भारी बारिश और तेज आंधी के चलते एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है। जठ तहसील के मोटेवाड़ी गांव में स्थित प्रसिद्ध मार्गूदेवी मंदिर परिसर की एक दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई, जिसमें दबकर कम से कम 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, वहीं 12 से 14 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब शाम को अचानक मौसम ने करवट ली और इलाके में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। इस भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में उस वक्त लगभग 350 श्रद्धालु मौजूद थे, जो शाम की पूजा-अर्चना के लिए आए थे। अचानक तेज हवाएं चलने और बारिश होने के कारण कई श्रद्धालु दीवार के सहारे और टिन की चादरों के नीचे शरण लिए हुए थे, ताकि वे बारिश और आंधी से बच सकें। इसी दौरान, तेज आंधी और बारिश के कहर को सहन न कर पाने के कारण मंदिर परिसर की दीवार और उस पर लगी टिन की चादरें भरभरा कर ढह गईं। दीवार गिरते ही परिसर में चारों ओर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि क्या हुआ और किधर भागें। मलबे के नीचे कई श्रद्धालु दब गए, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना मलबे में दबे श्रद्धालुओं को बाहर निकालना शुरू किया। आसपास के घरों से लोग दौड़कर मंदिर परिसर पहुंचे और हर संभव मदद देने का प्रयास किया। कुछ ही देर में प्रशासन और पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम तेजी से किया गया, ताकि दबे हुए लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके। घायल श्रद्धालुओं को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

Post a Comment