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ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से प्रधानमंत्री मोदी ने की बातचीतPrime Minister Modi interacts with Foreign Ministers and Heads of Delegations of BRICS countries



प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि इस वर्ष भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स, बहुपक्षवाद को मजबूत करने, सतत विकास को बढ़ावा देने, आर्थिक लचीलेपन को बढ़ाने और अधिक समावेशी वैश्विक व्यवस्था के निर्माण के लिए मिलकर काम करेगा। नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से बातचीत में श्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स विकासशील देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और ग्‍लोबल साऊथ की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। ये बैठकें नई दिल्ली में चल रही ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुईं।

इससे पहले, ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि हाल के संघर्षों ने संवाद और कूटनीति के महत्व पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, आर्थिक अनिश्चितताएं और व्यापार, प्रौद्योगिकी और जलवायु संबंधी चुनौतियां वैश्विक परिदृश्य को प्रभावित कर रही हैं और ऐसे में ब्रिक्‍स से इनमें रचनात्मक और महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्‍मीद बढ़ी है। डॉ. जयशंकर ने ब्रिक्स संगठन में सहयोग मजबूत करने के लिए उपस्थित देशों को धन्यवाद दिया।

ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो, मलेशिया के विदेश मंत्री दातो सेरी उतामा मोहम्मद बिन हाजी हसन, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मामलों के राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला सहित अन्य विदेश मंत्री इस बैठक में भाग ले रहे हैं। बैठक के दौरान, ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्री पारस्परिक हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार साझा करेंगे।

इस सम्‍मेलन का विषय है ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मानवता सर्वोपरि’ और ‘जन-केंद्रित’ ब्रिक्स दृष्टिकोण से प्रेरित है। ब्रिक्स@20: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण विषय पर आधारित सत्र में डॉ. जयशंकर ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप ब्रिक्स ने अपने एजेंडे और सदस्यता का विस्तार किया है, साथ ही जन-केंद्रित विकास और व्यावहारिक सहयोग पर भी ध्यान केंद्रित किया है। श्री जयशंकर ने विश्वास व्यक्त किया कि ब्रिक्‍स के प्रयास एकजुटता, समावेशिता, परामर्श और आम सहमति के सिद्धांतों के अनुरूप संगठन को मजबूत करेंगे।

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