दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में शामिल Cannes Film Festival का आगाज 12 मई से हो रहा है। हर साल यहां भारतीय सितारों की चमक देखने को मिलती है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस मंच तक पहुंचने वाला पहला भारतीय कौन था।
कान्स फिल्म समारोह में इतिहास रचने वाले पहले भारतीय थे मशहूर फिल्म निर्देशक Mrinal Sen। वर्ष 1982 में उनकी फिल्म Kharij को कान्स फिल्म समारोह में प्रदर्शित किया गया था। इस फिल्म ने वहां जूरी पुरस्कार जीतकर भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई थी।
‘खारिज’ एक संवेदनशील सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म थी, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। फिल्म की सफलता ने यह साबित कर दिया कि भारतीय सिनेमा सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि गंभीर सामाजिक मुद्दों को भी प्रभावशाली ढंग से दुनिया के सामने रख सकता है।
इसके बाद कई भारतीय कलाकार और फिल्मकार कान्स में पहुंचे। Aishwarya Rai Bachchan, Sharmila Tagore समेत कई सितारों ने इस मंच पर भारतीय सिनेमा की मौजूदगी को और मजबूत किया।
आज कान्स फिल्म समारोह भारतीय फिल्मों और कलाकारों के लिए वैश्विक पहचान का बड़ा मंच बन चुका है, लेकिन इसकी शुरुआत मृणाल सेन की ऐतिहासिक उपलब्धि से हुई थी।

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