इन्दौर । बौद्धिक प्रतिकार
बार-बार पेट दर्द, भूख में बदलाव और रात में बेचैनी हो सकती है पेट में कीड़ों की चेतावनी
बच्चों का शरीर बेहद संवेदनशील और नाजुक होता है। यही वजह है कि उन्हें खानपान और साफ-सफाई को लेकर विशेष देखभाल की जरूरत पड़ती है। लेकिन कई बार पूरी सावधानी बरतने के बावजूद बच्चों के पेट में कीड़े हो जाते हैं और माता-पिता समय रहते इसके संकेत समझ नहीं पाते। यदि इस समस्या को नजरअंदाज किया जाए तो यह बच्चे की सेहत और विकास दोनों पर असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पेट में कीड़े होने पर बच्चों में कुछ सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इनमें बार-बार पेट दर्द होना सबसे आम संकेत माना जाता है। कई बच्चों को पेट में मरोड़, गैस या भारीपन की शिकायत भी रहती है।
भूख में अचानक बदलाव भी इसका संकेत हो सकता है। कुछ बच्चों की भूख बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जबकि कुछ बच्चे खाना खाने से बचने लगते हैं। इसके अलावा वजन नहीं बढ़ना या अचानक कमजोरी महसूस होना भी पेट में कीड़ों की ओर इशारा करता है।
डॉक्टरों के मुताबिक रात में दांत पीसना, नींद में बेचैनी और बार-बार गुदा के आसपास खुजली होना भी इस समस्या के प्रमुख लक्षण हैं। कई बार बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं और पढ़ाई या खेलकूद में ध्यान नहीं लगा पाते।
विशेषज्ञ बताते हैं कि गंदे हाथों से खाना खाना, बाहर का अस्वच्छ भोजन, दूषित पानी और मिट्टी में खेलने के बाद हाथ साफ नहीं करना पेट में कीड़े होने की बड़ी वजह बनते हैं। इसलिए बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने और साफ-सफाई की आदत सिखाना बेहद जरूरी है।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि यदि बच्चे में ऐसे लक्षण लगातार दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। समय-समय पर डी-वॉर्मिंग (कीड़े मारने की दवा) भी बच्चों की सेहत के लिए जरूरी मानी जाती है।

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