इन्दौर।बौद्धिक प्रतिकार
मामूली बीमारी में बिना सलाह दवाएं खाना बन रहा बड़ा खतरा, शरीर पर बेअसर हो रही हैं एंटीबायोटिक्स
आजकल छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं में भी लोग बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन यही आदत अब गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बनती जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक एंटीबायोटिक दवाओं का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल शरीर में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) पैदा कर रहा है, जिससे दवाएं धीरे-धीरे असर खोती जा रही हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति बार-बार या गलत तरीके से एंटीबायोटिक दवाएं लेता है, तो शरीर में मौजूद बैक्टीरिया उन दवाओं के खिलाफ मजबूत होने लगते हैं। इसके बाद संक्रमण होने पर सामान्य दवाएं काम नहीं करतीं और इलाज मुश्किल हो जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या बुजुर्गों, बच्चों, डायबिटीज मरीजों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसे मरीजों में संक्रमण तेजी से फैल सकता है और इलाज लंबा चल सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम या हल्की परेशानी में एंटीबायोटिक लेना गलत है, क्योंकि हर बीमारी में इसकी जरूरत नहीं होती। बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के दवा लेना भविष्य में गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि एंटीबायोटिक दवाओं का पूरा कोर्स करना भी बेहद जरूरी है। कई लोग थोड़ा ठीक महसूस होते ही दवा बीच में छोड़ देते हैं, जिससे बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म नहीं होते और बाद में और ज्यादा मजबूत होकर वापस आते हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करें और खुद से दवा लेने की आदत से बचें। उनका कहना है कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो भविष्य में सामान्य संक्रमण का इलाज भी मुश्किल हो सकता है।

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