आजकल महिलाओं में ओवरी सिस्ट की समस्या तेजी से सामने आ रही है। कई बार जांच के दौरान अचानक इसका पता चलता है, जबकि कुछ मामलों में पेट दर्द, अनियमित माहवारी या हार्मोन संबंधी बदलाव इसके संकेत बनते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हर ओवरी सिस्ट खतरनाक नहीं होती और कई सिस्ट बिना सर्जरी के भी ठीक हो सकती हैं। हालांकि इसका आकार, प्रकार और लक्षण यह तय करते हैं कि इलाज केवल दवा से होगा या ऑपरेशन की जरूरत पड़ेगी।
क्या होती है ओवरी सिस्ट
ओवरी यानी अंडाशय में तरल पदार्थ से भरी छोटी थैली बनने को ओवरी सिस्ट कहा जाता है। यह एक या दोनों ओवरी में हो सकती है। अधिकतर सिस्ट सामान्य होती हैं और कुछ समय बाद अपने आप खत्म भी हो जाती हैं।
कितने आकार की सिस्ट बिना सर्जरी ठीक हो सकती है
स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार सामान्यतः
3 से 5 सेंटीमीटर तक की सिस्ट अक्सर बिना सर्जरी ठीक हो सकती है।
5 से 7 सेंटीमीटर तक की सिस्ट में नियमित जांच और निगरानी की जरूरत होती है।
7 सेंटीमीटर से बड़ी सिस्ट होने पर डॉक्टर अतिरिक्त जांच की सलाह दे सकते हैं।
8 से 10 सेंटीमीटर या उससे बड़ी सिस्ट में कई बार सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है, खासकर यदि दर्द, रक्तस्राव या जटिलता बढ़ रही हो।
हालांकि केवल आकार ही निर्णय का आधार नहीं होता। कई छोटी सिस्ट भी परेशानी पैदा कर सकती हैं, जबकि कुछ बड़ी सिस्ट लंबे समय तक सामान्य रह सकती हैं।
किन परिस्थितियों में ऑपरेशन जरूरी हो सकता है
विशेषज्ञ बताते हैं कि निम्न स्थितियों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है:
लगातार तेज पेट दर्द
सिस्ट का तेजी से बढ़ना
माहवारी में अत्यधिक गड़बड़ी
सिस्ट फटना या मरोड़ आना
गर्भधारण में परेशानी
कैंसर की आशंका
दवाओं के बाद भी सिस्ट का खत्म न होना
क्या बिना इलाज के ठीक हो सकती है सिस्ट?
कई कार्यात्मक सिस्ट हार्मोन बदलाव के कारण बनती हैं और दो से तीन माहवारी चक्र के भीतर अपने आप खत्म हो सकती हैं। डॉक्टर अक्सर ऐसे मामलों में कुछ समय तक निगरानी, अल्ट्रासाउंड और दवा की सलाह देते हैं।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
पेट या कमर में दर्द
पेट फूलना
माहवारी अनियमित होना
संबंध के दौरान दर्द
बार-बार पेशाब आना
अचानक तेज दर्द और उल्टी
यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
कैसे करें बचाव
वजन नियंत्रित रखें
नियमित व्यायाम करें
हार्मोन जांच समय-समय पर कराएं
संतुलित भोजन लें
माहवारी में बदलाव को नजरअंदाज न करें
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और सही इलाज से अधिकतर ओवरी सिस्ट को गंभीर होने से रोका जा सकता है। इसलिए डरने के बजाय सही जानकारी और नियमित चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे जरूरी है।

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