आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खानपान, देर रात तक जागना और शारीरिक मेहनत की कमी ने फैटी लिवर की समस्या को तेजी से बढ़ा दिया है। पहले यह बीमारी केवल अधिक शराब पीने वालों से जुड़ी मानी जाती थी, लेकिन अब बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं जो शराब नहीं पीते। विशेषज्ञों का कहना है कि फैटी लिवर को हल्के में लेना बड़ी गलती हो सकती है, क्योंकि इसका असर केवल लिवर तक सीमित नहीं रहता बल्कि शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकता है।
क्या होता है फैटी लिवर
जब लिवर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है तो उसे फैटी लिवर कहा जाता है। शुरुआत में इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं, इसलिए अधिकतर लोगों को लंबे समय तक इसका पता ही नहीं चलता। लेकिन समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह सूजन, लिवर खराब होने और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
दिल पर बढ़ता है खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक फैटी लिवर का सबसे ज्यादा असर हृदय पर पड़ सकता है। जिन लोगों को फैटी लिवर होता है उनमें उच्च रक्तचाप, धमनियों में चर्बी जमने और दिल की बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है। कई मामलों में दिल का दौरा पड़ने की आशंका भी बढ़ सकती है।
मधुमेह का बढ़ता जोखिम
फैटी लिवर और मधुमेह का गहरा संबंध माना जाता है। शरीर में इंसुलिन का असर कम होने लगता है, जिससे रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ सकता है। यही वजह है कि फैटी लिवर वाले लोगों में मधुमेह होने की संभावना अधिक रहती है।
किडनी भी हो सकती है प्रभावित
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि लंबे समय तक फैटी लिवर रहने पर गुर्दों पर भी असर पड़ सकता है। शरीर में सूजन और चयापचय संबंधी गड़बड़ी की वजह से गुर्दों की कार्यक्षमता कमजोर होने लगती है।
दिमाग और हार्मोन पर असर
फैटी लिवर शरीर के हार्मोन संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। इससे थकान, चिड़चिड़ापन, कमजोरी और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ शोधों में इसे याददाश्त और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों से भी जोड़ा गया है।
इन संकेतों को नजरअंदाज न करें
लगातार थकान रहना
पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन
वजन तेजी से बढ़ना
भूख कम लगना
कमजोरी और सुस्ती
त्वचा या आंखों में पीलापन
कैसे करें बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जीवनशैली में बदलाव करके फैटी लिवर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
तला-भुना और अत्यधिक मीठा भोजन कम करें
नियमित व्यायाम करें
वजन नियंत्रित रखें
पर्याप्त नींद लें
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
समय-समय पर जांच कराते रहें
डॉक्टरों के अनुसार यदि शुरुआत में ही फैटी लिवर का पता चल जाए और सही खानपान व नियमित दिनचर्या अपनाई जाए तो स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

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