ग्वालियर नगर निगम से जुड़े मामले में तीन आईएएस अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी का मामला फिलहाल अटका हुआ है। अब इस पर अंतिम निर्णय सामान्य प्रशासन विभाग के स्तर पर लिया जाएगा, जो तय करेगा कि अधिकारियों पर आगे कानूनी कार्रवाई होगी या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित मामले में जांच के बाद कार्रवाई के लिए अनुमति आवश्यक है, लेकिन अभी तक इस पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई है। जिन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उनमें वेदप्रकाश, राजपूत और विनोद शर्मा शामिल हैं।
कानूनी प्रक्रिया के तहत किसी भी वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ अभियोजन शुरू करने से पहले सक्षम प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। यही कारण है कि यह मामला विभागीय स्तर पर विचाराधीन है।
माना जा रहा है कि विभाग सभी पहलुओं—जांच रिपोर्ट, साक्ष्य और नियमों—का अध्ययन करने के बाद ही फैसला करेगा। इस निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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