मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां रेडियो कॉलर लगे दो वर्षीय बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। यह बाघ कुछ दिन पहले ही रेस्क्यू कर स्वस्थ घोषित किया गया था और निगरानी के लिए उसे रेडियो कॉलर पहनाया गया था।
जानकारी के अनुसार, बाघ को अमानगंज बफर क्षेत्र के तारा गांव के पास से पकड़ा गया था और जांच के बाद जंगल में छोड़ा गया था। वन विभाग का दावा था कि उसकी लगातार निगरानी की जा रही है, लेकिन अचानक उसकी मौत ने मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाघ का शव जंगल के भीतर मिला, जिसके बाद अधिकारियों ने पोस्टमार्टम कराकर मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसमें कोई संदिग्ध पहलू है।
इस घटना के साथ ही राज्य में बाघों की मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनवरी से अब तक मध्य प्रदेश में दर्जनों बाघों की मौत हो चुकी है, जिससे वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं सुरक्षा, निगरानी और संरक्षण तंत्र की कमजोरियों की ओर इशारा करती हैं। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके।

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