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जहां सड़क ही नहीं, वहां 52 एकड़ भूमि पर बांटा करोड़ों का मुआवजा; CG भारतमाला सड़क परियोजना में नया घोटालाCrores in compensation distributed for 52 acres of land where there is no road; a new scam in the CG Bharatmala road project



रायपुर: भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। राजनांदगांव जिले के देवदा और टेंडेसरा गांवों में सड़क से काफी दूर स्थित जमीनों को अधिग्रहित कर करोड़ों रुपये का मुआवजा बांटा गया। इसी तरह दुर्ग जिले के पाटन तहसील के ग्राम फूंडा में भी सड़क दायरे से बाहर की जमीनों को अधिग्रहण में शामिल किया गया।

सड़क से दूर जमीनों का अधिग्रहण

जानकारी के अनुसार देवदा और टेंडेसरा गांवों में सड़क से तीन-तीन किलोमीटर दूर तक की भूमि को अधिग्रहण में लिया गया। इतना ही नहीं, करीब 52 एकड़ ऐसी जमीन भी चिन्हांकित की गई, जहां से प्रस्तावित सड़क गुजरती ही नहीं है। मामला सामने आने के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों के सामने रिकॉर्ड सुधारने और नक्शा चिन्हांकित करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

सिक्स लेन सड़क के लिए 90 मीटर भूमि अधिग्रहण

ईडी ने भारतमाला परियोजना के तहत तैयार इंजीनियरिंग नक्शों और राजस्व रिकॉर्ड का मिलान किया है। इस परियोजना के तहत सिक्स लेन सड़क के लिए 90 मीटर चौड़ी भूमि का अधिग्रहण किया जाना था। जांच में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताई गई है। इसे सुनियोजित मुआवजा घोटाले के रूप में देखा जा रहा है।

देवदा में 77 खसरों का मामला

राजनांदगांव के देवदा गांव में कुल 77 खसरों का अधिग्रहण किया गया, जो सड़क सीमा से 100 मीटर से लेकर तीन किलोमीटर दूर तक स्थित हैं। बताया जा रहा है कि प्रभावशाली लोगों की जमीनों को प्राथमिकता देकर अधिग्रहण में शामिल किया गया। इसके साथ ही बीच के 39 खसरों को भी जोड़ा गया। इस तरह करीब 33 करोड़ रुपये का मुआवजा ऐसी जमीनों पर दिया गया, जो सड़क सीमा से बाहर हैं।

टेंडेसरा और फूंडा में भी करोड़ों का भुगतान

टेंडेसरा गांव में 42 खसरे ऐसे पाए गए, जो सड़क से 50 मीटर से लेकर दो किलोमीटर दूर तक स्थित हैं। यहां भी करीब 29 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया गया। वहीं दुर्ग जिले के फूंडा गांव में 14 खसरों को अधिग्रहण में शामिल कर लगभग 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि ये जमीनें सड़क परियोजना के दायरे में नहीं आती थीं।

ED जांच में तेजी

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच तेज कर दी है। राजनांदगांव, दुर्ग और कुरुद में वितरित मुआवजे से जुड़े दस्तावेजों के लिए शिकायतकर्ता कृष्णकुमार साहू को सोमवार को ईडी कार्यालय बुलाया गया। उनसे मामले से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी और दस्तावेज लिए गए हैं।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी

शिकायतकर्ता कृष्णकुमार साहू ने बताया कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज ईडी को सौंप दिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच के बाद इस घोटाले में शामिल अधिकारियों और अन्य जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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