कोलकाता ।बौद्धिक प्रतिकार
पुराने केस फिर खुले, हिंसा और राजनीतिक हमलों के मामलों में नई जांच से बढ़ी हलचल
पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा के मामलों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। राज्य में सुवेंदु अधिकारी खेमे के दबाव और लगातार उठ रहे सवालों के बाद पुलिस अब एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। जानकारी के मुताबिक चुनावी हिंसा से जुड़े करीब 300 मामलों की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार जिन मामलों में पहले कार्रवाई अधूरी मानी जा रही थी या जांच को लेकर सवाल उठे थे, उन्हें फिर से खोला जा रहा है। पुलिस अब पुराने रिकॉर्ड, वीडियो फुटेज, शिकायतों और गवाहों के बयान दोबारा खंगाल रही है।
बताया जा रहा है कि कई मामलों में राजनीतिक हिंसा, मारपीट, आगजनी, धमकी और बूथ कब्जाने जैसे आरोप शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि किन मामलों में प्रभाव के चलते कार्रवाई प्रभावित हुई थी।
राजनीतिक गलियारों में इस कदम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। भाजपा इसे न्याय और निष्पक्ष जांच की दिशा में जरूरी कार्रवाई बता रही है, जबकि विपक्षी दलों का आरोप है कि राजनीतिक दबाव में पुराने मामलों को फिर से हवा दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की राजनीति में चुनावी हिंसा हमेशा बड़ा मुद्दा रही है। ऐसे में 300 मामलों की दोबारा जांच आने वाले समय में राज्य की सियासत को और गर्मा सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

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