भोपाल। नगर निगम भोपाल ने गुरुवार को अपने आठ मंजिला नए मुख्यालय भवन का औपचारिक कामकाज शुरू कर दिया। जब इस भवन का प्रस्ताव बना था तो इसकी लागत 22 करोड़ रुपये बताई गई थी। पूरा होते-होते इसकी लागत 44 करोड़ रुपये हुई। लोकार्पण समारोह में पता चला कि इस भवन पर नगर निगम 73 करोड़ रुपया खर्च कर चुका है।
यानी शुरुआती लागत से तीन गुना से भी अधिक। इस खर्च के बाद भी भवन में परिषद की बैठकों के लिए हॉल नहीं बन पाया है। ऐसे में महापौर मालती राय ने मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से भवन के पीछे स्थित जमीन मांगी है ताकि उसपर परिषद हॉल का निर्माण किया जा सके। इसके लिए निगम को करीब 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।
हालांकि महापौर की मांग पर मुख्यमंत्री ने कोई घोषणा नहीं की है। बताया जा रहा है कि पूर्व में जब भी भवन के निर्माण की लागत बढ़ाई गई तो उसके प्रस्ताव एमआईसी और परिषद के सामने रखे गए थे, लेकिन 44 करोड़ के बाद लागत बढ़ने को लेकर कोई भी प्रस्ताव न तो परिषद में रखा और ना ही एमआइसी में आया।
इस बारे में नगर निगम की आयुक्त संस्कृति जैन का कहना है कि 44 करोड़ रुपये तो भवन बनाने में ही खर्च हो गए। इसके अलावा करीब 29 करोड़ रुपये विद्युत उपकेन्द्र, लिफ्ट, फर्नीचर, जियोथर्मल प्लांट, सीसीटीवी सहित अन्य कामों पर खर्च हुआ है। यह राशि उनके आने से पहले अलग-अलग मदों से स्वीकृत हो चुकी थी। इसलिए इसका प्रस्ताव परिषद में नहीं लाया गया। नगर निगम का यह मुख्यालय भवन भू-तल सहित आठ मंजिल का है। लगभग दो लाख वर्गफीट से बना यह भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस है।

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