भोपाल। शहर के सात नंबर बस स्टॉप पर स्थित सागर गैरे आउटलेट के भोजन में कीड़े मिलने का मामला सामने आया है। तो वहीं शहर में 10 रुपये के मैंगो शेक और 20 रुपये की लस्सी में सिंथेटिक एसेंस सहित अन्य हानिकारक पदार्थ मिलने की शिकायतें कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को मिली हैं। इस पर उन्होंने खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम को दोनों जगह जांच कर नमूने लेने के निर्देश दिए थे। इसके बाद टीमों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और करीब 24 से अधिक नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं।
जानकारी के अनुसार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को गुरुवार को सात नंबर बस स्टाप स्थित ''सागर गैरे'' आउटलेट के भोजन में कीड़े पाए जाने की शिकायत मिली थी। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया। जहां खाद्य पदार्थों के रखरखाव और स्वच्छता व्यवस्था में अनियमितताएं पाई गईं। स्वच्छता मानकों का उल्लंघन और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाए जाने पर,संस्थान के संचालक को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया है। साथ ही गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले नोटिस के माध्यम से संचालक को 14 दिवस की समयावधि के भीतर परिसर की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों में सुधार करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में सुधार न होने की स्थिति में प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित/निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई है। इन प्रतिष्ठानों से लिए जूस व लस्सी के नमूनेजिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायतें मिल रही थी कि विक्रेताओं द्वारा मैंगो शेक व अन्य जूस में हानिकारक कृत्रिम रंग, सिंथेटिक एसेंस, थिकनर और भारी मात्रा में सैकरीन का उपयोग किया जा रहा है। यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हो सकते है।

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