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MP में विकास की रफ्तार तेज, सड़कों से लेकर स्वास्थ्य-खेती तक बड़े फैसलेPace of Development Accelerates in MP: Major Decisions Spanning Roads to Health and Agriculture

 

भोपाल। मध्य प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने के लिए मंत्रि-परिषद ने बड़ा फैसला लिया है। लोक निर्माण विभाग के तहत 10,801 करोड़ रुपये के भारी बजट को मंजूरी दी गई है, जिससे आने वाले वर्षों में प्रदेश का सड़क नेटवर्क पूरी तरह बदलने की तैयारी है।

सरकार ने इन परियोजनाओं को 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक, यानी सोलहवां वित्त आयोग की पूरी अवधि में लगातार जारी रखने का निर्णय लिया है, जिससे विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी।


इस बजट में एन्यूटी भुगतान के लिए 4,564 करोड़ रुपये और New Development Bank की सहायता से चल रही सड़क परियोजनाओं के लिए 5,322 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, BOT मॉडल के तहत सड़कों के विकास, रखरखाव और निगरानी के लिए 150 करोड़ रुपये तथा परियोजनाओं के समापन भुगतान के लिए 765 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सरकार का मानना है कि बेहतर सड़कों से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। दूरदराज के क्षेत्रों को शहरों से जोड़ने पर खास फोकस रहेगा।

इसी के साथ सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना को 286.26 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे 27 गांवों की करीब 7200 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी।

कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन (SMAM) के तहत 2250 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र, कस्टम हायरिंग सेंटर और नरवाई प्रबंधन जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे लागत कम और उत्पादन बढ़ेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी बड़ा फैसला लेते हुए भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत 1005 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, ताकि 2031 तक स्वास्थ्य सेवाएं जारी रह सकें।

इसके अलावा प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 1674 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जाएगा और स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी।

ग्रामीण विकास के लिए 3553.35 करोड़ रुपये, महिला एवं बाल विकास योजनाओं (बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, हेल्पलाइन 181) के लिए 240.42 करोड़ रुपये तथा 8 नए वन स्टॉप सेंटर खोलने को भी मंजूरी दी गई है।

 कुल मिलाकर, सरकार का यह फैसला साफ संकेत देता है कि आने वाले 5 वर्षों में मध्य प्रदेश में सड़क, कृषि, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

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