चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान राज्यसभा के सात राज्यसभा सांसदों द्वारा बीते दिनों पार्टी छोड़ने व भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा उऩ्हें 5 मई दोपहर के 12 बजे का समय दिया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी के सभी विधायक उनके साथ होंगे या सिर्फ नेतृत्व ही इस मुलाकात में शामिल होगा।
बुधवार को मुख्यमंत्री मान ने अपनी सरकारी रिहायश पर पत्रकारवार्ता के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें देश के राष्ट्रपति द्वारा मिलने के लिए ५ मई दोपहर बारह बजे का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संवैधानिक स्तर पर उठाया जाएगा ताकि जनता के जनादेश का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके।
सीएम मान से यह पूछा गया था कि पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों द्वारा बड़ा कदम उठाते हुए भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया गया था, जिसके बाद आपने उनकी सदस्यता संबंधी प्रावधान के लिए राष्ट्रपति के समक्ष जाने का ऐलान किया था।
जनता के भरोसे भेजे गए थे सांसद
पत्रकारों के साथ बातचीत में सीएम मान ने कहा कि जिन सदस्यों को पार्टी और जनता के भरोसे उच्च सदन में भेजा गया, उनका दल बदलना गंभीर विषय है। सरकार इस पर सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सीएम ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि राष्ट्रपति के साथ होने वाली इस मुलाकात के दौरान राज्य के सभी आम आदमी पार्टी विधायक उनके साथ मौजूद होंगे या फिर सिर्फ पार्टी नेतृत्व को ही प्रतिनिधिमंडल के तौर पर लेजाया जाएगा।
डिपोर्ट किए गए भारतीयों में पंजाब से सबसे अधिक
इस बीच मुख्यमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए जा रहे भारतीयों के मुद्दे पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज 15 लोगों को डिपोर्ट किया जा रहा है, जिनमें 11 पंजाब के हैं और एक महिला भी शामिल है। अन्य में 2 तेलंगाना, 1 हरियाणा और 2 उत्तराखंड के रहने वाले हैं। मान ने कहा कि इन लोगों को पंजाब सरकार के अधिकारी रिसीव करेंगे।
उन्होंने कहा कि जैसे ही ये पंजाब पहुंचेंगे, पूरे मामले की गहन पड़ताल की जाएगी और यदि इनके डिपोर्टेशन में एजेंटों का कोई हाथ हुआ तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
धमाके में अमृतपाल की शूमलियत की जांच जारी
पटियाला में रेलवे लाइन पर हुए धमाके के मामले में भी मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और मामले में शामिल लोगों को पकड़ लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है। मान ने कहा कि जांच में अमृतपाल सिंह से जुड़े कुछ नाम आने की बात सामने आई है, लेकिन फिलहाल जांच चल रही है।
सीएम के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि मामले में अमृतपाल का कोई लिंक है क्योंकि आरोपितों का किसी व्यक्ति विशेष का सिर्फ फॉलोअर होना कुछ गलत साबित नहीं करता। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।विधायकों के अन्य दलों में जाने की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए सीएम मान ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो विधानसभा में कान्फिडेंस भी साबित कर देंगे।

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