उज्जैन शैलेंद्र सिंह कुशवाहा
उज्जैन। जिले में कानून-व्यवस्था और लोकशांति बनाए रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रोशन कुमार सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(1) के तहत पूरे जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। यह आदेश 27 अप्रैल से अगले दो माह तक प्रभावी रहेगा।
आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति या समूह सार्वजनिक स्थानों पर धारदार हथियार, आग्नेय अस्त्र, हॉकी, डंडा या रॉड लेकर नहीं चल सकेगा और न ही प्रदर्शन कर सकेगा। बिना अनुमति किसी भी प्रकार की सभा, धरना, जुलूस, रैली या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करना प्रतिबंधित रहेगा। डीजे, बैंड और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है, साथ ही ध्वनि प्रदूषण नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान एसिड, पेट्रोल, कैरोसिन जैसे ज्वलनशील पदार्थ और पटाखे या अन्य विस्फोटक सामग्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। बिना अनुमति टेंट या पंडाल लगाना, सड़क या हाइवे पर यातायात बाधित करना भी मना रहेगा।
सोशल मीडिया पर भी सख्ती लागू की गई है। व्हाट्सएप, फेसबुक या अन्य प्लेटफॉर्म पर किसी धर्म, जाति, राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट, फोटो या संदेश साझा करना दंडनीय होगा। ऐतिहासिक इमारतों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, न्यायालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति वीडियो, रील या फोटोग्राफी करना भी प्रतिबंधित रहेगा।
होटल, लॉज और धर्मशाला संचालकों को ठहरने वाले बाहरी लोगों की जानकारी प्रतिदिन संबंधित थाने में देना अनिवार्य किया गया है। मकान मालिकों को भी अपने किरायेदारों का विवरण थाना प्रभारी को देना होगा।
हालांकि, ड्यूटी पर तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इस आदेश से छूट रहेगी। विवाह और सामाजिक कार्यक्रमों को भी अनुमति दी गई है, जबकि एसडीएम आवश्यक होने पर शर्तों के साथ अनुमति दे सकेंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश धारा 163(2) के तहत एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है।

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